डरपोक नेताओं का असली चेहरा!

 *पार्टी व नेता विचारधारा और छवि देख कर चुनना चाहिये* | 


*दौर तो ये है कि कातिलों का लम्बा काफिला और उसकी शानशौकत देखकर लोग उस #कातिल को ही अपना #रहबर मान लेते हैं* | 

#कटुसत्य :-हर पार्टी मे जातिवाद हावी है | समाजवादी पार्टी हो या बसपा , दोनो बेहद गलत दिशा मे चल रही हैं | *#समाजवादी_पार्टी पर आरोप लगता रहा है कि सपा मे यादववाद बहुत है , और ये सच भी है *| सरकार बनते ही अखिलेश यादव जी को दूसरे जाति धर्म के लोग दिखना बँद हो जाते हैं  | यादव थानेदार अपने को CM से कम नही समझता | दूसरे जाति धर्म के लोग खुद को उस वक्त ठगा सा महसूस करते हैं | *जब तक बहुजन समाज के नेता और उनके कार्यकर्त्ता #जातिमोह से बाहर नही निकलेंगे , सबको एक निगाह से नही देखेंगे ,  सबके साथ इंसाफ नही करेंगे तब तक भाजपा को नही हरा पायेंगे *| यही जातिवाद इन पार्टीयों के खात्मे का कारण बन रही है | बसपा बहुत कमजोर हो चुकी है , अब समाजवादी पार्टी की बारी है | भाजपा को हराने के लिये सत्ता बदलने से कही ज्यादा मनुवादी व्यवस्था को बदलने की जरूरत है और इसपर काम करना अखिलेश यादव जी , मायावती जी आदि नेताओ के बस का नही है | *ये डरपोक नेता हैं* | बिना व्यवस्था बदले , EVM को हटाये बिना कोई भाजपा को नही हरा पायेगा |


आपका !

आशिफ

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