*एससी ओबीसी व मुसलमानो के अधिकतर नेता सिर्फ #सोशियल_मीडिया_तक_सीमित हैं | जो ज़मीन पर काम करते हैं , वो वोट की राजनीति करते हैं , लोगो को थाने पुलिस मे मदद , जाति , रिश्तेदारी आदि के आधार पर अपने से जोड़ते हैं | हालात कैसे बदले जायें , इसपर रत्ती भर भी काम नही करते *| मुसलमानो के साथ साथ एससी/ ओबीसी के सारे हक अधिकार समाप्त किये जा रहे हैं | जुल्म का शिकार हो रहे हैं | सब जानते हुए भी एससी ओबीसी के नेता ज़मीन पर उतर कर अपने लोगो को ये समझाने पर काम नही कर रहे हैं | *अधिकतर ऐसे नेताओ की राजनीति विधायक सांसद मंत्री से सम्बन्ध बनाने रखने मे गुजरी जा रही है *| मुसलमानो का भी यही हाल है | अगर ये बदलाव का काम कर रहे होते , तो हमारे ये हाल ना होते | #बदलाव_के_लिये तन मन धन कुर्बान करना पड़ेगा , जो कुर्बान करने को लोग राजी नही हैं | *घर मे 10 लाख की “ Tiles आदि “ लगवा लेंगे , फॉर्चूनर कार ले आयेंगे , लेकिन व्यवस्था परिवर्तन पर महीना 10/5000 भी खर्च नही करेंगे *| #सबकी_फ्रेण्ड_लिस्ट_मे_5000 लोग हैं , मेरी भी लिस्ट मे हैं | क्या 5000 में 500 लोग भी ये बीड़ा नही उठा सकते ? कोशिश करेंगे तो उठा लेंगे | शुरूआत कीजिए , बदलाव की लड़ाई लम्बी होती है | *उत्तर प्रदेश मे अखिलेश जी व मायावती जी जैसे डरपोक और वोट की राजनीति करने वाले नेताओ के भरोसे मत रहिये *|
(मैं मायावती या अखिलेश विरोधी नही हूं ,मुझे बस दुख इस बात का है कि ये प्रत्यक्ष रूप से समाज मे परिवर्तन लाना नही चाहते ।। बस भाजपा का विरोध करके अपने आप को दूध का धुला ना समझिये ।।)
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