राममंदिर के फैसले के संदर्भ में।

 ये लेख मैंने राममंदिर के फैसले वाले दिन लिखा था। फेसबुक पर इसको पब्लिश किया था । और आज ब्लॉग के माध्यम से शेयर कर रहा हूँ । पूरा पढ़े ।और बताये कैसा लगा। जो गलतिया हो उसे कमेंट करके बताए।इंशाअल्लाह सुधार करने की कोशिश करूंगा।

إِنَّ اللّهَ مَعَ الصَّابِرِينَ..

यानी कि अल्लाह सब्र करने वालो के साथ है।

सुबह से देख रहा हूं कि कुछ हिन्दू भाई और कुछ मुस्लिम भाई कुछ विवादित पोस्ट, टिप्पडी, करने में लगे हुए है। ऐसा करने से बचें और खुशी मनाए कि एक ऐसा मुद्दा पूरा हो रहा है जो ना जाने कितनों की जाने लील चुका है और पिछले तीन दशकों से राजनीतिक पार्टियों का हथियार रहा है। परन्तु राजनीति किसी जहर से कम नहीं मुद्दे आते रहेंगे बस सोचना आपको है की डील कैसे करना है।


अब बात करते हैं देश की और उसमें रहने वाले लोगों की,

देश की सबसे बड़ी आबादी यानी कि हिन्दू भाइयों के लिए ये मुद्दा एक आस्था का प्रतीक था और जिसे सुप्रीम कोर्ट ने एक लंबे अंतराल के बाद सुलझाया, और इस पर हिन्दू भाई खुशियां मना रहे है। और खुशी मानना उनका हक भी है,  मगर इस खुशी में सीमा लांघ कर किसी की भावनाएं उत्तेजित करना बिल्कुल निंदनीय है।


अब बात करते है मुस्लिम भाइयों की, सबसे पहले कोई भी विवादित टिपप्णी करने से बचें, दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखे,

सबसे पहले विचार करे आप किस हाशिए पर खड़े है। और किस हाशिए पर आपको जाना है। देश की दूसरी सबसे बड़ी आबादी जिसके के पास ना अपनी कयादत है, और तो और देखे कि सरकारी नौकरी, उद्योग, राजनीति में आपका रिप्रजेंटेशन क्या है? आप के साथ क्यों विक्टिम कार्ड खेला गया है? आप के साथ क्यों छलावा किया गया है, मगर आज भी आप जस के तस है।

           हालंकि वो बात अलग है, अनगिनत रिपोर्ट, कमीशन, कमिटी, (जस्टिस सच्चर आयोग, जस्टिस कुंडू आयोग, जस्टिस रंगनाथ मिश्रा आयोग और जस्टिस श्रीकृष्णा आयोग) आप लोगो के हालात एस.सी, एस टी, और तो और बिलो पॉवर्टी लाइन (बीपीएल) से नीचे रह रहे लोगों से भी बुरे मानती रही परन्तु ना जाने कौन सी मजबूरियां रही कि उन रिपोर्ट,कमीशन, कमिटी का इंप्लेटेशन बिल्कुल ज़ीरो रहा। 

खैर छोड़ो आप,

आप अपनी कयादत बनाए, शिक्षा को हथियार बनाए, राजनीति में अपनी ताकत पहचाने, उद्योग धंधों से जुड़े, अगर यहां हिसाब नहीं बन पा रहा तो गल्फ कंट्रीज का रुख करे इससे आपकी और देश दोनों की इकॉनिमिक कंडीशन सुधरेगी। 

कयादत क्या होती है, रिप्रेजेंटेशन क्या होता है, आर्थिक मजबूती क्या होती है, अगर इसका अंदाजा आपको हो जाएगा तो मसले सारे खुद हल हो जाएंगे।

#आपका 

      #आशिफ

जय हिन्द..जय संविधान

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