पूरा पढ़िए और विचार कीजिये।👇
बौद्ध+नास्तिक+ अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय को मिलकर लगभग30 प्रतिशत आबादी है। जबकि हिंदू धर्म को मानने वाले लोग 70 प्रतिशत है। यदि 30 प्रतिशत धार्मिक अल्पसंख्यक और हिन्दू धर्म के 30 प्रतिशत आबादी यानी कुल 60 प्रतिशत आबादी भी भाजपा के विरोध में खड़ी होती है तब भी यह 40 प्रतिशत आबादी भाजपा के साथ खड़ी रहेगी।भारत जैसे लोकतांत्रिक देश मे सत्ता में बने रहने के लिए 40 प्रतिशत आबादी काफी है। भाजपा के लोग ने पहले मुसलमानो को इस देश का खतरा बताया और अब सिक्खों को बता रहे है। कुल मिलाकर हिन्दुओ के सामने सभी तरह के धार्मिक अल्पसंख्यक को शत्रु के रूप में खड़ा कर दिया जाएगा
इस देश की भोली भाली हिन्दू आबादी इसी नाम पर भाजपा को 10 सालो तक सत्ता में बनाये रहेगी, इतिहास इस बात की कभी चर्चा नही करेगी कि मोदी युग मे छात्र बेरोजगारी से परेशान थे ,देश की आर्थिक स्थिति खराब थी बल्कि इतिहास में इस बात की चर्चा होगी कि मोदी इस देश का एक प्रतापी शासक था जिसने भव्य राम मन्दिर का निर्माण कराया ,मुसलमानो के खिलाफ caa/nrc का कानून लाया ,इस्लामिक शरीयत के खिलाफ तीन तलाक का कानून लाया। वैसे भी देश की संस्कृति में देश मे राजा ही भगवान रहा या भगवान राजा के रूप में प्रकट हुए।
यकीन मानिए मैं आशिफ सिद्दीकी दावे के साथ कहता हूँ कि अभी भी देश की जनता मोदी को इस बात पर वोट करेगी कि मोदी मुस्लिमो के खिलाफ है !!मौजूदा वक्त में जिस प्रकार से देश के हालात है बेरोजगारी चरम सीमा पर है परंतु चुनाव के दौरान ये सब भुला दिए जाएंगे जनता के पास बस एक ही विकल्प बचेगा की मोदी को वोट करो और मुसलमानो को हद में करो।।
कुछ हद तक evm का भी खेल है भारतीय जनता पार्टी को जिताने में परन्तु अगर ये 30% है तो मुसलमानो के खिलाफ वाली थ्योरी 70% ! और यही सच है।।खैर सबका भरम टूटेगा एक कहावत है ना कि "गेहूं के साथ घुन भी पीसे जाते है" तो पिसे जा रहे है । अभी वक़्त है इस गंदी राजनीति को छोड़िये और देश के भले में सोचिये । चूँकि मैं एक विधि(law) का विद्यार्थी हूं ,जब मैं ये सब सोचता हूँ तो देश के भविष्य की राजनीति से डर लगने लगता है।
नरेंद्र मोदी ने अपनी दाढ़ी बंगाल चुनाव में टैगोर बनने के लिए नही बढ़ाया है बल्कि इनकी दाढ़ी वाली तस्वीर भविष्य में इनके धार्मिक छवि को गढ़ने में मदद करेगी।।बिना लंबी लंबी दाढ़ी के छवि गढ़ना थोड़ा कठिन काम है।
प्रिय मित्रों इस लेख में मैं किसी जाति विशेष के बारे में नही लिखा हूँ। बस मैं अपने मन के भावनाओ को शब्दों में प्रकट किया हूं। और ध्यान रखें कि bjp के खिलाफ बोलना हिंदुत्व के खिलाफ बोलना नही होता है या ओवैसी के खिलाफ बोलना मुस्लिममत्व के खिलाफ बोलना नही होता है।।
मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं और करता रहूंगा। और यही मेरा इस्लाम धर्म सिखाता है।।✍️मैं उम्मीद करता हूं इस लेख को आप पसंद करेंगे।
Aapne bilkul sahi kaha ashif sahab. ham sab bhai bhai hai.hame apas me mil jul ke prem se rahna chahiye.aapki lekhan bahut aachi hai.aap bade nek vichar rakhte hai
ReplyDeleteSukriya bhai
DeleteBauth khub ##Advocate Sbbbb
ReplyDeleteSukriya
DeleteBahut khub
ReplyDeleteNyc write 👍
ReplyDeleteShukriya
Deleteये सब खेल है चाचू ।
ReplyDeleteजो हमारे साथ खेला जा रहा है।
अन्दर ही अन्दर हमे ।
पिछे ठेला जा रहा है।
ये वही वाली बात हुई
ReplyDeleteगुट डालो राज करो
Bilkul
Deleteमेरे भाई आशिफ अपने बहुत उम्दा लिखा लेकिन जिस तरह से भाजपा गंदी राजनीति कर रही है और लोग उसका साथ सिर्फ इस बात पर दे रहे है कि इससे मुस्लिम बर्बाद हो जाएंगे लेकिन ये नही सोच रहे कि बर्बाद तो सब हो रहे है और अपने जो एक सब्द बोला न कि गेहूं के साथ घुन भी पीस जाता है तो यही होने वाला अभी इन्हें सिर्फ ये दिख रहा कि मुस्लिम समाज बर्बाद हो रहा है, सबसे पहले ये सत्ता में आये तो नौकरी का वादा किया जो कभी पूरा न हुआ फिर मुसलमान को देश से बाहर करने के लिए NRC/CAA लाया उसके बाद किसान आंदोलन और जो बीमारी आई है उसको भी अब चुनाव के तर्ज में इस्तेमाल किया जा रहा है जहाँ चुनाव होता है वहा से कोरोना को भगा दिया जाता है और जहा पर नही होता वहां पर लोकडौन और सबसे पहले स्कूल कॉलेज बन्द किये जा रहे है बच्चो के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है ये एक रूल की तरह है कि जब कोई पढ़ेगा ही नही तो रोज़गार मागेगा ही कोन, अभी भी वक़्त है हम सब को मिलकर इस गंदी राजनीति को खत्म करना होगा नही तो आगे क्या होगा कुछ कहा नही जा सकता, लिखने में कुछ गलती हुई हो या कोई सब्द तो मुझे माफ़ करे।
ReplyDeleteसमीर अली गौसे आज़म फाउंडेशन गोरखपुर जिला अध्यक्ष
Bhut sukriya bhai
Deleteاچھا تو ہے but قوئ فائدہ نھی
ReplyDeleteBecause لوگ یہا ںنےق بیچارو پر نھی جھوٹے وعدوں اور پیسوں پے مرتے ھے
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